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जगाना है तो जगाओ मेरे साथियों को

  अरे! मत छेड़ो इन हाथियों को जगाना है तो जगाओ मेरे साथियों को।   पता नहीं ये किस चाल चले मुड़कर अपने ही हाथी  ' कहीं तबाह न कर दे अपने किले  इन हाथियों के बलबूते खड़े बाहुबलियों  हाँकना सीख जाओ इन हाथियों को अन्यथा कह दो हमारे पास इनका अकुंश नहीं    फिर मैं जगाता हूँ मेरे साथियों को  प्रखरबुद्धि ज्ञान गुण सागर  सृजन प्रलय अपने कर नचावत।   बाहुबलियों, फिर खुले छोड़ना अपने हाथी ह मारा केवल गुरु ज्ञान, बुद्धि विवेक होगा  हाथी भी तुम्हारे होंगे, नाश भी तुम्हारा होगा,  "मेरे साथियों में तो अटल धैर्य,  कुशल रणनीति में विश्वास होगा।"   विजय-भव असंख्य हाथियों वालो का नहीं  इन पर अंकुश रखने वालों का होगा। ✌  🙏 Comment for better suggestion. "हिंदी की बिंदी" शुद्ध व्याकरणिक प्रयोग कैसे करें, बहुत ही पसंदीदा/जिज्ञासु तथ्य जाने/"Hindi ki bindi" pasandeeda/jigyaasu tathy.

कोरे कागज पर लिखता हूं

  कोरे कागज पर लिखता हूं आखों में रात बिताता हूं अरमान वही है इसलिए बीहड़ों में राह बनाता हूं पंछी ने पूछा पथिक से- क्यों लुटा है तू अपने जीवन में बोला-  तन से हूं तूलमय,मन से हूं मोदमय मेरे सपने अनंत अशेष,कृत्य कर रहा हूं निर्निमेष मत पूछ मेरे पंछी एक बार फिर कहता हूं  बढ़ा है हौंसला,न रुका हूं न रुकूंगा जीवनभर।। Create by shyam sundar

हिंदी तूं जनभाषा ही नहीं जनाधार है/Hindi toon janabhaasha hee nahin janaadhaar hai.

देवनागरी लिपि ज्ञान/Devanagari script knowledge "आदि देववाणी जो धन्या, हिन्दी उसकी दिव्या कन्या, सरस सरल जय हिंदी भारतवाणी, विश्वप्रेम आधार अपार, हिन्दी से ही राष्ट्र-एकता हुई है साकार।''              कहने को तो रहते हैं, हम हिन्दोस्तान में,    बचते हैं बात करने से, हिन्दी जुबान में।

नई सदी से मिल रही, दर्द भरी सौगात/ Painful gift from the new century.

नई सदी से मिल रही, दर्द भरी सौगात।  बेटा कहता बाप से, तेरी क्‍या औकात।  पानी आंखों का मरा, मरी शर्म और लाज।  कहे बहू अब सास से, घर में मेरा राज।  भाई भी करता नहीं, भाई पर विश्‍वास।  बहन पराई हो गई, साली खासमखास।  मंदिर में पूजा करे, घर में करे क्‍लेश। बापू तो बोझा लगे, पत्‍थर लगे गणेश।  बचे कहां अब शेष हैं, दया, धरम, ईमान पत्‍थर के भगवान हैं, पत्‍थर दिल इंसान  फैला है पाखंड का, अंधकार सब और पापी करते जागरण, मचा-मचा कर शोर